क्यूं और कैसे फंसाया गया है हम मुस्लिमों को एक भ्रम जाल मैं...?
दोस्तों,
आज देश मैं मुसलमान हालात उतने ख़राब नहीं हैं जितने पूरी मैं हैं, भारत मैं हम मुसलमानों को कमज़ोर पिछड़ा, अनपढ़ और ग़रीब बताकर हमेशा ही निशाना बनाया जाता है, चुनावों मैं ख़ासकर एक पार्टी के ज़रिये मुस्लिमों को वोट की ख़ातिर टारगेट किया जाता है, आज मुसलमान एक पार्टी के लिए जीत का फ़ॉर्मूला बन चुका है, चुनावों में तो हिंदू मुस्लिम होता ही है, लेकिन सत्ता पाने के बाद भी अपनी कमजोरियों को छुपाने और ज़िम्मेदारियों से बचने के लिए मुस्लिमों को निशाना बनाना शान की बात समझी जाती है, ऐसा क्यूं होता है ये गहरी और गंभीर सोच का सबक है.
एक वीडियो के ज़रिये ये बताने की कोशिश की गई है कि ये भ्रम जाल जो हमारे लिए बिछाया जाता है वो सिर्फ़ देखने मैं ही हमारे लिए रूकावट होती है, जबकि इसको तोड़ने की ज़रूरत ही नहीं बल्कि ये तो आंखों को धोखा देने के लिए बिछाया गया माया जाल होता है, सैंकड़ों तरहां के जाल बिछाकर हम लोगों को हमेशा ही बांटने की कोशिश इस्लाम के दुश्मनों के ज़रिये की जाती है, और ये साज़िश आज से नहीं बल्कि मूसा अलैहि सलाम के ज़माने से की जा रही है, इस जाल को फैलाने मैं सबसे बड़ा हाथ यहूद का रहा है, जिसके लिए क़ुरआन मैं हमको कई जगह समझाने के साथ बचने का तरीका भी बताया गया है.
आज ख़िदमतुल मुस्लिमीन ए हिंद इसी जाल से बाहर आने के लिए आपके साथ काम कर रही है, हमको यक़ीन है कि हम जल्द ही मिलकर इस जाल से बाहर आयेंगे, बस ज़रूरत है हमको एक दूसरे पर यक़ीन कायम कर अपनी ज़िम्मेदारी को समझकर सही से अंजाम तक पहुंचाने की.
*ख़िदमतुल मुस्लिमीन ए हिंद* की बुनियाद चार साल सोच समझ और दानिशवरों से मशविरे के बाद शुरू की गई है, इसमें हमको मिलकर अपनी ज़िम्मेदारी को समझना होगा और अगर आपके ज़हन मैं कोई ऐसा सुझाव है तब उसको भी सामने रख उसपर अमल कराने की कोशिश करनी होगी, हमको यक़ीन है *इन शा अल्लाह* हम हर परेशानी से बहुत ही आसानी से निकल जायेंगे, कल हमारा अपना अलग *वजूद* होगा, वही वजूद जो कुछ वक़्त पहले हुआ करता था, जो हमारी एक छोटी की ग़लती और रहम दिली से हमसे दूर हो गया, या जिसको हमने खो दिया था.
हमको अपने को किसी भी ऐसे क़दम से दूर रखना है जिसकी इजाज़त ना तो इस्लाम मैं है और ना ही हमारे मुल्क के कानून मैं है, हमको कानूनी तौर पर अपने वजूद को कायम करना है, जो मुश्किल नहीं है, क्यूंकि हमको हमारा दीन यही सिखाता है कि हम अपने मुल्क के जायज़ कानून की हिमायत और इज़्ज़त करें, रास्ता सच का होना चाहिए बेशक आज सच पर चलना मुश्किल है लेकिन जीत हमेशा सच की ही होती है, अगर हमारा हौसला बुलंद है तब हम सारी परेशानियों से आसानी से निकल सकते हैं, और ऐसा हम करेंगे.
राष्ट्रीय सचिव
ख़िदमतुल मुस्लिमीन ए हिंद
+919808123436
E-mail- khidmatulmuslimeenehind@gmail.com
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