हम मुसलमान और हमारे आदाब क्या हैं...?

एस एम फ़रीद भारतीय
महासचिव- ख़िदमतुल मुस्लिमीन ए हिंद
*देवबंदी*:- नमाज़ के पाबंद और लिबास व शक्ल से ईमान का जिंदा नमूना हें।

*अहले-हदीस*:- कुरआन मजीद और सहीह हदीस की तालीम पर ज़ोर डालने वाले।

*शिया*:- उम्दा अखलाक़ और उम्दा ज़ुबान के मालिक और आम तौर पर पढ़े-लिखे होते हैं।

*बरेलवी*:- इस्लाम के लिए किसी से भी लड़ने की हिम्मत रखते हैं। इस्लाम के लिए चंदा देने में सबसे आगे। और सबसे बड़ी बात आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बेपनह मुहब्बत करते हैं ओर अपने इमाम की इज्जत करते हैं।

*तब्लीगी जमाअत* के लोग घर घर तक बहुत मेहनत करते और नमाज़ सिखाते हैं, और अपनी व्यस्त ज़िन्दगी में भी 40 दिन बड़े आराम से निकाल देते हैं।

*जमाअते इस्लामी* के लोग पूरे के पूरे इस्लाम को लेकर चलती है, और जो मिशन अल्लाह के नबी का था उसे पूरा करने की कोशिश करते हैं।

*जमीयत उलमा हिन्द* के लोग मुसलमानों के मसले मसाइल और बाज़ आबादकारी ,इंसाफ ,कानूनी मदद झूठे केसों में फंसाए लोगो की  करती है और मुसलमानो को जोड़ने का काम करती है

और अब 
*ख़िदमतुल मुस्लिमीन ए हिंद*

बुनियादी तालीम दीन और दुनियां के साथ रोज़गार के अवसर तलाश करना, क़ौम के लोगों को बुनियादी ज़रूरतों की याद दिलाने के साथ अहसास ए कमतरी से बाहर लाने के लिए मेहनत कर क़ौम के वजूद से आम मुस्लमान को रूबरू कराना, संगठन मैं क़ौम को मज़बूती के साथ एक होकर काम करने के लिए तैयार करने के साथ वोट की अहमियत को समझाना, साथ ही हर एक को उसकी मौजूदा और आने वाली ज़िम्मेदारी के लिए ज़हनी तौर पर तैयार करना.

सभी संगठन में कुछ न कुछ ख़ासियत जरूर है, किसी में कोई कमी या गलती दिखे तो अपने *हबीब स○* के तरीके से *अख़लाक़* पर अमल करते हुए प्यार से समझाना चाहिए, तंज और तल्ख़ी से दूरियां बढ़ती हैं.
हम सामने वाले को बुरा भला न कहकर अपनी तरफ़ देखें, आपस मे जो थोड़े बहुत इख्तिलाफ़ात हैं उनको दूर करें, क्यूंकि हम सब *अल्लाह* की रज़ा के लिए ही काम कर रहे हैं, एक नबी और एक कलामुल्लाह पर चलने वाले हैं अपने तरीके से कर भी रहे हैं, लिहाज़ा तरीका क्या है उसपर बहस गुनाहगार बनाती है, इस्लाह करनी चाहिए ना कि लड़ना और बहस करना.

क्यूंकि
*हम मुसलमान हैं.* *मुसलमान का काम दिल तोड़ना नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ना है.*

इस्लाम हमको नफ़रत से दूर, 
मुहब्बत से रहना सिखाता है.

*अल्लाह हमको एक आसान राह पर चलने वाला बना दे आमीन सुम्मा आमीन.*

अपील- ख़िदमतुल मुस्लिमीन ए हिंद
+918424814212/ 9808123436
E-mail- khidmatulmuslimeenehind@gmail.com

*शेयर ज़रूर करें शुक्रिया*

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