2012 मैं मुसलमानों किये वादे निकले थे अखिलेश, कितने पूरे किये...?



"एस एम फ़रीद भारतीय"
किस मुंह से सपा प्रदेश के मुसलमानों के बीच जायेगी, कैसे करेगी नये वादे और मुसलमान यक़ीन क्यूं करें यही आज चुनाव की घोषणा से पहले सबसे बड़ा सवाल है...?

हम आपको बता दें कि 2012 मैं अखिलेश यादव ने प्रदेश के मुसलमानों से कहा था कि तकनीकी क्षेत्र पर विशेष जोर देते हुए उर्दू भाषा को तकनीकी क्षेत्र से भी जोड़ा जायेगा, मदरसों में केवल धर्म से जुड़ा ज्ञान ही नहीं दिया जायेगा बल्कि तकनीकी शिक्षा भी दी जायेगी इसके लिए मदरसों में विशेष बजट का प्रावधान किया जायेगा, मुख्‍यमंत्री ने मुस्लिमों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार रंगनाथ मिश्र एवं सच्चर आयोग की अहम और बुनियादी सिफारिशों को लागू करने के लिए केन्द्र सरकार पर दबाव डालेगी.

तब यादवजी ने यह भी कहा था कि जो सिफारिशें राज्य सरकार लागू कर सकती है उन्हें अतिशीघ्र प्रदेश में लागू कर दिया जायेगा, उन्होंने कहा कि सच्चर आयोग की सिफारिशों के क्रम में मुसलमानों को आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से अत्यन्त पिछड़ा मानते हुए उन्हें दलितों की तरह जनसंख्या के आधार पर अलग से आरक्षण दिया जायेगा.

यादव ने कहा कि उनकी सरकार इस बात को महसूस कर रही है कि मुस्लिम शिक्षण संस्थान बहुत कम हैं, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मुस्लिम बहुल जिलों में नये सरकारी शैक्षिक संस्थानों की स्थापना करेगी, वहीं यादव ने सपा के घोषणापत्र में किये गये वादों को हर कीमत पर पूरा करने की बात कही थी, उन्होंने ये भी कहा था कि सपा धन की कमी को कभी आड़े नहीं आने देगी और जो वादे किये हैं, उन्हें जरूर पूरा करेगी.

अब आप ख़ुद सोचना कितने वादे किये और कितनों पर अमल किया गया, कितना उस वक़्त की केंद्र सरकार पर दबाव डाला गया था, दूसरे ये भी सोचना होगा कि किये वादों पर अमल क्यूं नहीं होता, क्यूं हम हर बार ख़ाली हाथ रह जाते हैं...?

Comments

Popular posts from this blog

क्यूं और कैसे फंसाया गया है हम मुस्लिमों को एक भ्रम जाल मैं...?

हम मुसलमान और हमारे आदाब क्या हैं...?